GMDA : विकास कार्यों की हुई देरी तो नपेंगे अधिकारी, समीक्षा बैठक में CEO ने दिए सख्त निर्देश

GMDA : गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने जीएमडीए द्वारा किए जा रहे चार प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्यों की प्रगति का आकलन करने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। जिन प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई, उनमें व्यापार केंद्र रोड (सेक्टर 27/43), हैमिल्टन कोर्ट रोड (सेक्टर 27/28) का रीडेवलपमेंट, एमजी रोड स्ट्रीटस्केपिंग का काम और सदर्न पेरिफेरल रोड पर वाटिका चौक से एनएच-48 तक) लेग-4 ड्रेन का निर्माण शामिल थे ।
बैठक के दौरान सीईओ जीएमडीए ने कहा कि ये परियोजनाएं जनहित में प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित की जा रही प्रमुख अवसंरचना विकास पहलें हैं, जिनका उद्देश्य बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और शहर की अवसंरचना को सुदृढ़ करना है। । सड़क विकास कार्यों से यातायात सुगमता में वृद्धि होगी, आवागमन बेहतर होगा, पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी तथा शहर की अवसंरचना को मजबूती मिलेगी। वहीं, लेग-4 ड्रेन के निर्माण से एसपीआर क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान होगा और मानसून के दौरान मौजूदा लेग-3 बादशाहपुर ड्रेन पर दबाव कम होगा ।
अब किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं
सीईओ जीएमडीए ने स्पष्ट किया कि अब किसी भी परियोजना में देरी बर्दाश्त नहीं कि जाएगी अथवा समय-सीमा बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाए ताकि सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण हों। साथ ही, अधिकारियों को अपने-अपने कार्यों की पूर्ण जिम्मेदारी लेते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
सख्त निगरानी व्यवस्था और साप्ताहिक प्रगति मैपिंग
कड़ी निगरानी व्यवस्था के तहत सीईओ, जीएमडीए ने निर्देश दिए कि संबंधित उप-मंडल अधिकारी (एसडीओ) और कनिष्ठ अभियंता (जेई) दिन में दो बार साइट निरीक्षण करेंगे और दैनिक निगरानी के तहत आधिकारिक मॉनिटरिंग ग्रुप में फोटोग्राफ एवं प्रगति अपडेट साझा करेंगे। इसके अतिरिक्त, कार्यकारी अभियंताओं द्वारा सभी चारों परियोजनाओं की साप्ताहिक प्रगति मैपिंग की जाएगी, जिसमें प्राप्त उपलब्धियों के साथ-साथ किसी भी प्रकार की देरी अथवा बाधाओं के कारणों का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। परियोजनाओं के साप्ताहिक डिलिवरेबल्स और समयबद्ध लक्ष्य तय कर उन्हें कार्यदायी एजेंसियों को अवगत कराया जाएगा, ताकि कार्य अनुशासित एवं समय पर पूरा हो सके।

लापरवाही की स्थिति में सख्त कार्रवाई
पी.सी. मीणा ने निर्देश दिए हैं कि निगरानी या काम में किसी भी तरह की लापरवाही जिससे और देरी होती है, उसे गंभीरता से देखा जाएगा, और ज़िम्मेदार इंजीनियर और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी कार्यस्थलों पर धूल नियंत्रण एवं शमन के पर्याप्त उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।











